खानम आर्ट गैलरी में गैलरी कलेक्शन कला प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन, बहारे हुनर 2026 का भी आगाज।
प्रयागराज। करेली स्थित खानम आर्ट गैलरी में कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन की शुरुआत हुई। खानम आर्ट गैलरी कलेक्शन की कृतियों पर आधारित कला प्रदर्शनी 2026 का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर कला, शिक्षा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रदर्शित किया गया, जिससे कला प्रेमियों को विविध रंगों, शैलियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को देखने का अवसर मिला।

उद्घाटन समारोह में रोटरी क्लब के वकार उस्मानी, डॉ. सुबिया करीम अंसारी, हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या युसुफा नफीस, प्राचार्या नसीहा उस्मानी, राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य एवं प्रख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा, एमिनेंट आर्टिस्ट तलत महमूद, मशहूर गैलरी निदेशक डॉ. ज़ाहेदा खानम, डॉ. सारा मुख्तार तथा सैयद मुशर्रफ सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
एक मंच पर नजर आईं भारतीय कलाकारों की कृतियां
खानम आर्ट गैलरी में आयोजित इस प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें भारत के कलाकारों की विभिन्न पेंटिंग्स को एक साथ प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमी इन कृतियों को करीब से देख सकते हैं और कलाकारों की रचनात्मक सोच तथा कला के अलग-अलग रूपों से परिचित हो सकते हैं। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी में शामिल पेंटिंग्स बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं।

इस पहल के माध्यम से कला को केवल प्रदर्शनी तक सीमित रखने के बजाय उसे आम लोगों तक पहुंचाने और कलाकारों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। कला प्रेमियों के लिए यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ही स्थान पर अलग-अलग कलाकारों की कृतियों को देखने का अवसर मिल रहा है।
बिक्री की आय का 40 प्रतिशत चैरिटी कार्यक्रमों में
प्रदर्शनी की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका चैरिटी से जुड़ा होना भी है। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी में बिक्री होने वाली प्रत्येक पेंटिंग की आय का 40 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा और कला से जुड़े चैरिटी कार्यक्रमों के लिए दिया जाएगा। इस पहल के जरिए कला को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
आयोजकों का मानना है कि कला समाज में रचनात्मकता और संवेदनशीलता को बढ़ाने का माध्यम है। जब कला से होने वाली आय का एक हिस्सा शिक्षा और कला से संबंधित सामाजिक कार्यों में लगाया जाता है तो इससे कलाकारों के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद वर्गों को भी लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
बच्चों ने भी दिखाई अपनी कला प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न कला प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिताओं में पर्यावरण, लोक कला और गैलरी की चर्चित आज़ादी आर्ट कॉम्पिटिशन को शामिल किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विभिन्न विषयों पर अपनी कला को प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे बच्चों का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी कला प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला। प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में प्रख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा, तलत महमूद और डॉ. ज़ाहेदा ख़ानम शामिल रहीं।
तलत महमूद ने किया कार्यक्रम का संचालन
उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन तलत महमूद ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों और कला से जुड़े लोगों ने प्रदर्शनी तथा बच्चों की कला प्रतियोगिताओं की सराहना की। अतिथियों का सम्मान बैच, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। इस दौरान कला के महत्व, कलाकारों को प्रोत्साहन देने और समाज में कला एवं संस्कृति की भूमिका को लेकर भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
खानम आर्ट गैलरी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कला प्रेमियों और शहर के लोगों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया गया, जहां वे पेंटिंग्स और अन्य कलात्मक अभिव्यक्तियों को करीब से देख सकें। प्रदर्शनी के माध्यम से कलाकारों और दर्शकों के बीच संवाद की संभावनाएं भी बनी हैं।
बहारे हुनर 2026 में महिलाओं की कला और हुनर को मंच
खानम आर्ट गैलरी का सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम ‘बहारे हुनर विद संगम वूमेन’ भी आज से शुरू होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में शहर भर की महिलाओं को अपनी कला, क्राफ्ट और हाथ से बनाए गए कलात्मक उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हैंडमेड उत्पाद और कलात्मक वस्तुएं इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेंगी। इसके जरिए महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा और उनके हुनर को सार्वजनिक मंच देने का प्रयास किया जा रहा है। ‘बहारे हुनर’ के माध्यम से महिलाओं को अपनी कला और हस्तनिर्मित उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार कला प्रदर्शनी और बहारे हुनर 2026 के माध्यम से खानम आर्ट गैलरी कला, संस्कृति, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। एक ओर जहां देश के कलाकारों की पेंटिंग्स प्रदर्शित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों को प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया है। महिलाओं के लिए भी कला, क्राफ्ट और हैंडमेड उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच तैयार किया गया है।

कुल मिलाकर करेली स्थित खानम आर्ट गैलरी में शुरू हुआ यह आयोजन प्रयागराज के कला प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है। भारतीय कलाकारों की कृतियों की प्रदर्शनी, बच्चों की कला प्रतियोगिताएं, चैरिटी से जुड़ी पहल और महिलाओं के हुनर को मंच देने वाला ‘बहारे हुनर विद संगम वूमेन’ कार्यक्रम इस आयोजन को बहुआयामी बनाता है। कला और सामाजिक सरोकारों के इस मेल से कलाकारों, बच्चों और महिलाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही शहर में कला एवं संस्कृति से जुड़े आयोजनों को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

प्रयागराज संवाददाता आमिर मिर्जा की खास रिपोर्ट।