विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत सचिव रंगेहाथ गिरफ्तार, नल-जल योजना में 28 हजार की मांग का आरोप।

विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत सचिव रंगेहाथ गिरफ्तार, नल-जल योजना में 28 हजार की मांग का आरोप।

पश्चिम चंपारण। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। निगरानी विभाग (विजिलेंस) की टीम ने पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नल-जल योजना के रखरखाव (मेंटेनेंस) भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद की गई। गिरफ्तारी के बाद पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है और क्षेत्र में इस कार्रवाई की व्यापक चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने नल-जल योजना के मेंटेनेंस कार्य का भुगतान जारी करने के लिए संबंधित संवेदक परवेज कौशर से 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर भुगतान को लगातार लटकाया जा रहा था और विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा था। इससे परेशान होकर संवेदक ने आखिरकार निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई।

बताया जा रहा है कि संवेदक परवेज कौशर ने 27 जुलाई को निगरानी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पंचायत सचिव द्वारा भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने पूरे मामले की गहन जांच और सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद विभाग ने ट्रैप (Trap) की योजना तैयार की।

विजिलेंस अधिकारियों ने पूरी रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को निर्देश दिए और रिश्वत की राशि के साथ पंचायत सचिव तक पहुंचने को कहा। टीम पहले से ही मौके पर तैनात थी और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थी।

पहली किस्त लेते ही दबोचा।

जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव ने कुल 28 हजार रुपये की रिश्वत में पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये स्वीकार किए। जैसे ही उन्होंने शिकायतकर्ता से रुपये लिए, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

गिरफ्तारी के दौरान रिश्वत में इस्तेमाल की गई राशि भी बरामद कर ली गई। विजिलेंस टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी पंचायत सचिव को अपने साथ ले गई।

आवास पर भी हुई छापेमारी।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने पंचायत सचिव के आवास पर भी छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक कागजात जब्त किए गए। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से मामले की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं यह मामला केवल एक शिकायत तक सीमित तो नहीं है या फिर सरकारी योजनाओं के भुगतान में रिश्वतखोरी का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

सरकारी विभागों में मचा हड़कंप।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय सरकारी विभागों और पंचायत स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती रही तो सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई बार सरकारी योजनाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी और रिश्वत की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

विजिलेंस डीएसपी ने की पुष्टि।

मामले की पुष्टि करते हुए विजिलेंस के डीएसपी ने बताया कि नल-जल योजना के संवेदक से रिश्वत लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई और पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता के धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी विभाग लगातार सक्रिय है। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं का आगे आना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा हो सके।

फिलहाल आरोपी पंचायत सचिव से पूछताछ की जा रही है और विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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