बसपा को बड़ा झटका: रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, तीन दशक के राजनीतिक सफर का हुआ अंत।
बलिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार की रात एक दुखद खबर सामने आई। बलिया जनपद की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही बलिया, रसड़ा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।

उमाशंकर सिंह नगरा ब्लॉक के खनवर गांव के निवासी थे और रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा राजनीतिक चेहरा माने जाते थे। वह लगातार तीन बार विधायक चुने गए और अपने क्षेत्र में विकास कार्यों तथा जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाते थे। लंबे समय से गंभीर बीमारी, विशेष रूप से कैंसर, से पीड़ित होने के कारण उनका उपचार घर पर ही चल रहा था। पिछले कई महीनों से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था।
फरवरी 2026 में भी उनके स्वास्थ्य को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई थीं, जिनमें बताया गया था कि उनकी तबीयत नाजुक बनी हुई है। इसके बाद से उनके समर्थक लगातार उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। लेकिन बुधवार की रात उनके निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया।
उमाशंकर सिंह के निधन की पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों का तांता लग गया। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा के कार्यों को याद किया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांवों और कस्बों में शोक का माहौल देखने को मिला।
राजनीतिक दृष्टि से भी उनका निधन बहुजन समाज पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। उनके निधन के बाद अब विधानसभा में बसपा का कोई भी विधायक नहीं बचा है। ऐसे में पार्टी के लिए यह केवल व्यक्तिगत क्षति ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण नुकसान माना जा रहा है।
उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई। उन्होंने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र के लोग उन्हें एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में याद करते हैं, जो आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे।
उनकी सादगी, सहज व्यवहार और जनता के प्रति समर्पण ने उन्हें रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई। चुनावी राजनीति में भी उन्होंने लगातार अपनी लोकप्रियता बनाए रखी और तीन बार जनता का विश्वास जीतकर विधानसभा पहुंचे। यही कारण है कि उनके निधन की खबर सुनते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उमाशंकर सिंह ने राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं बल्कि जनसेवा का मिशन माना। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उन्हें सभी वर्गों का सम्मान प्राप्त था। बीमारी के दौरान भी लोग लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे और उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करते रहे।
बताया जा रहा है कि अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव खनवर में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि अंतिम संस्कार के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और हजारों समर्थकों के शामिल होने की संभावना है।
उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनप्रतिनिधि के रूप में जो पहचान बनाई, उसे क्षेत्र की जनता लंबे समय तक याद रखेगी। उनके निधन से न केवल रसड़ा विधानसभा क्षेत्र ने अपना लोकप्रिय विधायक खोया है, बल्कि बहुजन समाज पार्टी ने भी अपना सबसे प्रमुख विधायी चेहरा खो दिया है।
जनपद न्यूज़ 24 यूपी परिवार दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है।
