मुजफ्फरनगर में नौकरी का झांसा देकर महिला से अश्लील मांग का आरोप, 76 वर्षीय कॉलेज प्रबंधक गिरफ्तार; प्रिंसिपल पर भी मिलीभगत के आरोप।
मुजफ्फरनगर | जनपद न्यूज़ 24 यूपी।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक इंटर कॉलेज के 76 वर्षीय प्रबंधक पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से कथित रूप से अश्लील मांग करने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध कराए गए ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है। वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल के खिलाफ भी मिलीभगत के आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है।

नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाया गया कॉलेज।
जानकारी के अनुसार यह मामला मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज का है। पीड़िता का आरोप है कि वह नौकरी के सिलसिले में कॉलेज पहुंची थी। इसी दौरान कॉलेज के प्रबंधक ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। महिला का आरोप है कि वहां दस्तावेजों में कमी का हवाला देकर उसे रोक लिया गया और फिर नौकरी दिलाने के बदले अनुचित एवं अश्लील मांगें की गईं।
पीड़िता के अनुसार, प्रबंधक ने कथित रूप से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। महिला ने इसका विरोध किया और पूरी घटना को गंभीरता से लिया। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसने साहस दिखाते हुए ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली, जो बाद में पुलिस को सौंपी गई।
कार्यालय की व्यवस्था पर भी उठे सवाल।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जिस कमरे में उसे बुलाया गया, वहां न तो सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगे थे और न ही कोई अन्य कर्मचारी मौजूद था। कमरे में केवल एक पलंग और पर्दे की व्यवस्था थी। महिला का कहना है कि इस माहौल में उस पर मानसिक दबाव बनाया गया और नौकरी का लालच देकर अनुचित प्रस्ताव रखा गया।
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने इसका विरोध किया तो दस्तावेजों में कमी बताकर बार-बार उसे परेशान किया गया। इसके बाद उसने पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर ली और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
प्रिंसिपल पर भी सहयोग का आरोप।
इस मामले में केवल कॉलेज प्रबंधक ही नहीं, बल्कि कॉलेज की प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने प्रिंसिपल से भी मदद मांगी, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। महिला का आरोप है कि प्रिंसिपल ने कथित रूप से प्रबंधक का साथ दिया और उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्रिंसिपल के विरुद्ध भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नई मंडी थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी 76 वर्षीय कॉलेज प्रबंधक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फोरेंसिक जांच से सामने आएंगे तथ्य।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद साक्ष्यों की प्रमाणिकता के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।
इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विद्यालय या कॉलेज में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और कार्यालयों में सीसीटीवी जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या शिकायत की स्थिति में निष्पक्ष जांच संभव हो सके।
निष्पक्ष जांच की मांग
घटना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला के साथ नौकरी का लालच देकर अनुचित व्यवहार किया गया है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, कानून के अनुसार आरोपियों को भी निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया का अधिकार प्राप्त है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच पूरी होने और न्यायालय में सुनवाई के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।
