बदायूं दुष्कर्म कांड: पीड़िता के कोर्ट में बयान के बाद गैंगरेप और पॉक्सो की धाराएं बढ़ीं, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश।

बदायूं दुष्कर्म कांड: पीड़िता के कोर्ट में बयान के बाद गैंगरेप और पॉक्सो की धाराएं बढ़ीं, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश।

बदायूं मामले में बड़ा अपडेट: कोर्ट में बयान के बाद बढ़ीं गंभीर धाराएं, आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय।

बदायूं। जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले में जांच के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। न्यायालय में पीड़िता के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अधिक गंभीर धाराओं के साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी शामिल कर ली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इस्लामनगर थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ कथित आपराधिक घटना का मामला सामने आया था। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में चिंता और आक्रोश देखने को मिला।

पीड़ित पक्ष ने प्रारंभिक कार्रवाई को लेकर भी कुछ सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि शुरुआत में उनकी शिकायत के अनुरूप गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय में दर्ज होने वाले बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में पीड़िता का न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार, बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जा रही है। चिकित्सकीय रिपोर्ट, न्यायालय में दर्ज बयान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। सभी पहलुओं का परीक्षण करने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उनके निर्देशन में गठित पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।

कानूनी जानकारों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में पॉक्सो अधिनियम के तहत जांच और सुनवाई को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है और जांच एजेंसियों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी होती है।

फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवार को आवश्यक सुरक्षा और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पूरे मामले पर जिले की जनता की नजर बनी हुई है और सभी को पुलिस की आगामी कार्रवाई का इंतजार है।

(नोट: कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।)

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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