दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती महिला से उत्पीड़न का आरोप, पति पर गर्भपात का दबाव बनाने का भी दावा।

दहेज की मांग पूरी न होने पर गर्भवती महिला से उत्पीड़न का आरोप, पति पर गर्भपात का दबाव बनाने का भी दावा।

दहेज उत्पीड़न से परेशान आठ माह की गर्भवती महिला ने पुलिस से लगाई गुहार, पति समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप।

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां आठ माह की गर्भवती महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने तथा गर्भपात कराने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अपनी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा को लेकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना रोड निवासी शीबा ने नगर कोतवाली में लिखित शिकायत देकर अपने पति अफजल और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि करीब 11 माह पूर्व उसका निकाह खालापार निवासी अफजल के साथ हुआ था। निकाह के दौरान उसके परिवार ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाखों रुपये खर्च किए थे तथा दहेज में मोटरसाइकिल सहित घरेलू उपयोग का अन्य सामान भी दिया था।

महिला का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। जब उसके मायके पक्ष की ओर से मांग पूरी नहीं की गई तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता का कहना है कि आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी और कई बार उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग लगातार उस पर दबाव बनाते रहे और दहेज न मिलने पर उसे अपमानित किया जाता रहा।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्तमान में वह आठ माह की गर्भवती है। इस दौरान उसे विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता है, लेकिन इसके विपरीत उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। महिला का आरोप है कि उसका पति उस पर गर्भपात कराने का दबाव बना रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है। उसने कहा कि उसे अपनी जान के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है।

महिला ने पुलिस को बताया कि गर्भावस्था के बावजूद उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कई बार मारपीट भी की गई। उसने आशंका जताई कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उसके और उसके बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी डर और चिंता के चलते उसने पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

दहेज उत्पीड़न के मामलों में लगातार बढ़ोतरी समाज के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार द्वारा दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने के बावजूद ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि दहेज की कुप्रथा आज भी कई परिवारों की खुशियों को प्रभावित कर रही है और महिलाओं को मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।

नगर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता ने प्रशासन से न्याय दिलाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गर्भवती महिला के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बेहद गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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