बिजली बिल विवाद पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन: गाजीपुर मामले में JE, AE और XEN पर FIR के आदेश, गिरफ्तारी के निर्देश।
लखनऊ/गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। गाजीपुर जिले में एक गुमटी संचालक को कथित रूप से 1.85 लाख रुपये का बिजली बिल जारी होने और उसके बाद आत्महत्या किए जाने के मामले ने सरकार को झकझोर दिया है। इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गाजीपुर की घटना बनी कार्रवाई का आधार।
जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जिले के एक गुमटी संचालक को अचानक लगभग 1.85 लाख रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि पीड़ित ने इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार उपेक्षा और मानसिक तनाव के बीच उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
मामले के सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और अधिशासी अभियंता (XEN) के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि यदि समय रहते शिकायत का समाधान किया जाता तो शायद इतनी दुखद घटना टाली जा सकती थी। इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले के बहाने प्रदेश के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली, भ्रष्टाचार या शिकायतों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ पर आधारित है और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को किसी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा। यदि कोई अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बड़े पैमाने पर निलंबन की चेतावनी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर एक ही दिन में बड़ी संख्या में लापरवाह अधिकारियों को निलंबित किया जा सकता है। उनका कहना है कि जनता को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार का मानना है कि शिकायतों के समाधान में देरी या लापरवाही आम नागरिकों को गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानियों में डाल देती है। इसलिए जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
ऊर्जा विभाग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट।
मामले के बाद ऊर्जा विभाग भी सक्रिय हो गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित अन्य विभागीय कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।
शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर विशेष जोर।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता दर्शन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का समाधान नहीं होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
सरकार का मानना है कि शिकायत निस्तारण प्रणाली को प्रभावी बनाकर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सकता है और ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
प्रदेशभर के अधिकारियों को गया सख्त संदेश।
गाजीपुर की इस घटना के बाद मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई को पूरे प्रदेश के प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब सीधे और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद प्रशासनिक तंत्र में भी जवाबदेही और सतर्कता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।