भारत ए फाइनल में पहुंचा, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने शानदार कैच से आलोचकों को दिया करारा जवाब।
दांबुला। भारत ए ने त्रिकोणीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अफगानिस्तान ए को 101 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। दांबुला में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि मैच के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के शानदार कैच की रही, जिसने उनकी फील्डिंग क्षमता पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दे दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ए की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 319 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
भारत ए को तेज शुरुआत दिलाने में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने अहम भूमिका निभाई। दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 75 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी ने 28 गेंदों में 38 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
मध्यक्रम में कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 59 रन बनाए। वहीं प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने भी 58-58 रनों की शानदार पारियां खेलीं। इन अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ए ने 319 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
320 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान ए की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर विपक्षी टीम को संभलने का मौका नहीं दिया। हालांकि बहिर शाह ने 57 रन और फैसल शिनोजादा ने 46 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
अफगानिस्तान ए की पूरी टीम 36.5 ओवर में 218 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ए ने मुकाबला 101 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।
भारतीय गेंदबाजों में निशांत सिंधु सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। वहीं यश ठाकुर ने भी 2 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने भारत ए की जीत को और भी आसान बना दिया।
हालांकि मैच का सबसे यादगार पल तब आया जब अफगानिस्तान ए के बल्लेबाज खालिद तनिवल ने अंशुल कम्बोज की गेंद पर शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद हवा में गई और उसे पकड़ने के लिए वैभव सूर्यवंशी ने शानदार फुर्ती का परिचय दिया। उन्होंने बेहतरीन टाइमिंग, संतुलन और एथलेटिक क्षमता दिखाते हुए एक मुश्किल कैच को बेहद आसान अंदाज में लपक लिया।
इस कैच ने मैदान पर मौजूद दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सोशल मीडिया पर भी वैभव के इस कैच की खूब चर्चा हो रही है। क्रिकेट प्रशंसक इसे मैच के सबसे बेहतरीन क्षणों में से एक बता रहे हैं।
गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी की फिटनेस और फील्डिंग को लेकर कुछ आलोचनाएं सामने आई थीं। कई लोगों का मानना था कि वह बल्लेबाजी में तो शानदार हैं, लेकिन फील्डिंग में अभी उन्हें काफी सुधार की जरूरत है। दांबुला में लिया गया यह शानदार कैच उन सभी आलोचनाओं का जवाब बनकर सामने आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में जिस आत्मविश्वास, फिटनेस और खेल समझ का प्रदर्शन वैभव सूर्यवंशी कर रहे हैं, वह भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत हैं। बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी उनका योगदान टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
भारत ए की इस शानदार जीत के साथ टीम ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब भारतीय टीम की नजरें खिताब जीतने पर टिकी हैं। वहीं युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस तरह उन्होंने बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है, उससे यह साफ है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।