दुबई में छिपे कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी घोषित भगोड़ा, STF ने तेज की कार्रवाई।

दुबई में छिपे कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी घोषित भगोड़ा, STF ने तेज की कार्रवाई।

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मास्टरमाइंड और एक लाख रुपये के इनामी आरोपी शुभम जायसवाल समेत उसके दो करीबी सहयोगी वरुण सिंह और गौरव जायसवाल को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भगोड़ा घोषित करा दिया है। तीनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं और उनके दुबई में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और STF की तमाम कोशिशों, कुर्की की कार्रवाई, लुक आउट नोटिस तथा अदालत से कई बार गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बावजूद आरोपी अदालत या जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुए।

जानकारी के अनुसार, आरोपियों के लगातार फरार रहने और न्यायिक प्रक्रिया से बचने के चलते पुलिस ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उनके खिलाफ भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्रवाई कराई है। इसके बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रयास तेज किए जा सकते हैं।

शुभम जायसवाल को माना जा रहा गिरोह का मास्टरमाइंड।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि वाराणसी की सिगरा कॉलोनी निवासी शुभम जायसवाल इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख संचालक और मास्टरमाइंड है। उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था।

वहीं, दूसरा आरोपी वरुण सिंह वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रहलादघाट के कायस्थ टोला का रहने वाला है, जबकि तीसरा आरोपी गौरव जायसवाल वाराणसी के पियरी भुलेटन चौक क्षेत्र का निवासी बताया गया है। तीनों के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही है और इनके नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग एसटीएफ को पहले ही मिल चुके हैं।

2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार, इस मामले में 8 अप्रैल 2024 को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में धोखाधड़ी, एनडीपीएस एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि कोडीन युक्त कफ सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था और इसके अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये का नेटवर्क संचालित हो रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी थी। जांच एजेंसी ने कई राज्यों में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग लेन-देन और अन्य साक्ष्य जुटाए थे, जिनके आधार पर शुभम जायसवाल और उसके साथियों की भूमिका स्पष्ट हुई।

एक-एक लाख रुपये का घोषित है इनाम।

शुभम जायसवाल और उसके दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पहले ही एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद आरोपी कानून के शिकंजे से बचते रहे। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार दबिश देती रहीं, लेकिन आरोपी गिरफ्त से बाहर रहे।

जांच एजेंसियों का मानना है कि कार्रवाई तेज होने के बाद शुभम जायसवाल दुबई भाग गया और उसके साथ वरुण सिंह तथा गौरव जायसवाल भी विदेश में शरण लिए हुए हैं। इसी कारण उनकी गिरफ्तारी में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं।

कुर्की और लुक आउट नोटिस भी बेअसर।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के अलावा संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है। साथ ही देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपी न तो जांच एजेंसियों के समक्ष उपस्थित हुए और न ही अदालत में पेश हुए।

लगातार गैरहाजिर रहने और कानून की अवहेलना करने के कारण अब उन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है। इससे आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता और मजबूत हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी की तैयारी।

एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि यदि आरोपियों की दुबई में मौजूदगी की पुष्टि होती है तो उनके प्रत्यर्पण अथवा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से भारत लाने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल एजेंसियां उनके विदेश में रहने के ठिकानों और वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।

नशे के अवैध कारोबार पर STF की बड़ी कार्रवाई।

कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड को उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित मादक पदार्थ मामलों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी, जिससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा था। ऐसे में तीनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया जाना इस मामले में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

पुलिस और एसटीएफ का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान जारी रहेगा और कानून से बचने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

Leave a Comment