बदायूं में गंगा दशहरा पर बड़ा हादसा: कछला गंगा घाट पर युवक की डूबने से मौत, 9 वर्षीय बच्ची लापता; परिवार में मचा कोहराम।

बदायूं में गंगा दशहरा पर बड़ा हादसा: कछला गंगा घाट पर युवक की डूबने से मौत, 9 वर्षीय बच्ची लापता; परिवार में मचा कोहराम

बदायूं। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर बदायूं जिले के कछला भागीरथी गंगा घाट पर सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। गंगा स्नान और मां गंगा के दर्शन के लिए पहुंचे एक परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा में एक युवक और एक मासूम बच्ची बह गए। हादसे में युवक की मौत हो गई, जबकि बच्ची के लापता होने से परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं खोज अभियान शुरू कराया गया।

घटना हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव कूनगांव से जुड़े एक परिवार के साथ हुई। बताया जा रहा है कि गंगा दशहरा के अवसर पर परिवार के सदस्य सुबह-सुबह कछला भागीरथी गंगा घाट पहुंचे थे। परिवार के लोग गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना कर रहे थे। इसी दौरान अचानक 17 वर्षीय नीलेश और 9 वर्षीय शिवा गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आ गए।

गंगा में डूबते ही मच गई चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब आठ बजे घाट पर काफी भीड़ थी। श्रद्धालु स्नान और पूजा-पाठ में जुटे हुए थे। तभी अचानक बच्चों के डूबने की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग चीखने-चिल्लाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा का तेज बहाव राहत कार्य में बड़ी बाधा बन गया।

स्थानीय गोताखोरों और मौजूद लोगों ने काफी देर तक दोनों की तलाश की। कुछ समय बाद युवक नीलेश को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। वहीं 9 वर्षीय शिवा का कोई पता नहीं चल सका। बच्ची के लापता होने से परिवार बदहवास हो गया।

गंगा घाट पर पसरा मातम

हादसे के बाद कछला गंगा घाट का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां कुछ देर पहले गंगा दशहरा का उत्साह दिखाई दे रहा था, वहीं हादसे के बाद पूरे घाट पर मातम पसर गया। मृतक युवक के परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं।

परिवार के लोगों ने बताया कि वे हर साल गंगा दशहरा पर मां गंगा के दर्शन और स्नान के लिए आते हैं, लेकिन इस बार यह यात्रा जिंदगी का सबसे बड़ा दुख दे गई।

प्रशासन में मचा हड़कंप

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अवनीश राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और मुख्य विकास अधिकारी समेत कई अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और राहत कार्य का जायजा लिया।

प्रशासन ने तुरंत गोताखोरों और राहत टीम को सक्रिय कर दिया। गंगा में लापता बच्ची की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों तक गोताखोर गंगा में तलाश करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गंगा दशहरा जैसे बड़े पर्व पर लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए थी।

कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि भीड़ अधिक होने के बावजूद घाट पर सुरक्षा कर्मियों और गोताखोरों की संख्या कम थी। यदि समय रहते निगरानी बढ़ाई जाती तो शायद हादसा टल सकता था।

हर साल होते हैं हादसे

कछला गंगा घाट पर हर वर्ष हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों के दौरान यहां भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। इसके बावजूद हर साल डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय लोग लगातार घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा घाटों पर अचानक गहराई बढ़ जाने और तेज बहाव के कारण लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। खासकर बच्चों और युवाओं को पानी के अंदर ज्यादा आगे जाने से रोकना बेहद जरूरी है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

युवक नीलेश की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजन और रिश्तेदार अस्पताल और घाट की ओर दौड़ पड़े। मृतक की मां और परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं लापता बच्ची शिवा के परिजन लगातार उसकी सलामती की दुआ करते नजर आए।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। गांव के लोगों ने प्रशासन से घाटों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें। बच्चों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों पर भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

फिलहाल प्रशासन द्वारा बच्ची की तलाश लगातार जारी है। गोताखोरों की कई टीमें गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वहीं युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गंगा दशहरा जैसे आस्था के पर्व पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे बदायूं जिले को झकझोर कर रख दिया है। खुशियों के बीच आया यह हादसा कई सवाल छोड़ गया है।

JANPADNEWS24UP संपादक नवीन गोस्वामी।

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